फॉरेंसिक लेखांकन के लिए भारत में क्या गुंजाइश है ?

भारत में फोरेंसिक अकाउंटिंग यह एक बहुत ही उम्दा क्षेत्र है। टेक्नोलोजी के उपयोग के साथ हम उस पर पूरी तरह से निर्भर होते जा रहे हैं। टेक्नोलॉजी के अधिक से अधिक उपयोग के साथ धोखाधड़ी एक खतरनाक डर पैदा हो रहा है।

इसके अलावा, यदि आप देखेंगे कि आरबीआई ख़राब ऋणों के बचाव के लिए अनेक उपाय योजनाए कर रहा है | क्योंकि खराब ऋणों की संख्या बढ़ रही है, फॉरेंसिक लेखा परीक्षकोंका का काम बढ़ता जा रहा है।

भारत में गुंजाइश

आरबीआई रेड फ्लैग्ड अकाउंट्स का विवेचन करने के लिए फोरेंसिक लेखा परीक्षकोंकी की जरूरत है, आने वाले समय में आरबीआई फॉरेंसिक लेखा परिक्षण का काम अनिवार्य कर सकता है।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय सेटअप में सर्टीफाइड फॉरेंसिक एकाउंटेंट्स द्वारा जांच किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे धोखाधड़ी के कई मामले थे।

आर्थिक अपराध शाखा को भी फॉरेंसिक एकाउंटिंग प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होती है। बड़ी

मल्टी नेशनल कंपनियों में आंतरिक धोखाधड़ी के कई सबूत हैं, जहा पर एक कुशल टेक्नोलॉजी वाला फॉरेंसिक अकाउंटेंट एक अच्छा काम कर सकता है ।

फॉरेंसिक एकाउंटिंग क्षेत्र में काम करने के लिए कई अन्य अवसर हैं जो हमारे देश में एक उभरता हुआ व्यवसाय है मगर काम करने वाले बहुत कम खिलाड़ी हैं। फॉरेंसिक एकाउंटिंग में अपना करियर बनाने के लिए सबसे मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र इंडिअफॉरेन्सिक सेंटर ऑफ़ स्टडीज द्वारा दिया जाता है । उस कोर्स के लिए मूल आवश्यकता अर्थ विषयो से संबंधित ३ साल के पेशेवर अनुभव के साथ किसी भी क्षेत्र में स्नातक की है।